चुराह उपमंडल की ग्राम पंचायत सेईकोठी में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत एक मृत व्यक्ति के नाम पर आवास स्वीकृत किए जाने का मामला सामने आया है। मामले को लेकर ग्राम पंचायत सनवाल के मकन गांव के मान सिंह पुत्र कर्म चंद ने निदेशक ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग को शिकायत भेजकर विभागीय जांच, सरकारी धन की वसूली और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करने की मांग की है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि वित्तीय वर्ष 2024-25 में सेईकोठी पंचायत के गांव ओहला में पीएमएवाई-जी के लिए लाभार्थियों की सूची तैयार की गई।

शिकायतकर्ता के अनुसार वर्ष 2018-19 में करीब 173 मकानों की सूची तैयार हुई थी। मामले का सबसे गंभीर पहलू पीएमएवाई-जी के ऑनलाइन रिकॉर्ड और मृत्यु प्रमाणपत्र को लेकर सामने आया है। पीएमएवाई-जी के पोर्टल पर आरोप है कि तत्कालीन पंचायत सचिव की अनुशंसा पर प्रशासनिक अधिकारी ने 173 मकानों को स्वीकृति प्रदान की। लाभार्थी आईडी एचपी 115031476 के तहत लाभार्थी का नाम भागी, पिता का नाम दसरावन, ग्राम नरवाड़, पंचायत सेईकोठी, विकास खंड तीसा दर्ज है। दूसरी ओर, मृत्यु प्रमाणपत्र में इसी नाम से संबंधित व्यक्ति की मृत्यु 12 मार्च, 2024 दर्ज है। प्रमाणपत्र में ग्राम पंचायत सेईकोठी का उल्लेख है और पंजीकरण संख्या डी-2020, 2.00056-000007 दर्ज है।

शिकायतकर्ता का कहना है कि यदि मृत्यु प्रमाणपत्र में दर्ज व्यक्ति और पीएमएवाई रिकॉर्ड में दर्ज लाभार्थी एक ही व्यक्ति है, तो वर्ष 2024-25 में उसके नाम पर आवास स्वीकृत होना गंभीर जांच का विषय है। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि संबंधित परिवार के परिवार रजिस्टर में केवल दो सदस्य भागी और उनकी पत्नी मालती दर्ज थे और दोनों की मृत्यु हो चुकी थी।

रिकॉर्ड के अनुसार मामले में केवल स्वीकृति ही नहीं हुई, बल्कि वित्तीय प्रक्रियाा भी आगे बढ़ी। योजना के तहत कुल 1.30 लाख रुपए की सहायता स्वीकृत दर्शाई गई है। पहली किस्त के रूप में 65,000 रुपए जारी भी कर दिए गए हैं। उधर, खंड विकास अधिकारी तीसा गोपाल ठाकुर का कहना है कि मामला संज्ञान में आया है। शिकायत में लगाए गए आरोपों और उपलब्ध दस्तावेजों की नियमानुसार जांच करवाई जाएगी। जांच में तथ्य सामने आने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।